14-04-2020 "आशा" ------------ हमको तुमसे,तुमको उनसे मिली दिलासा है, आशा केवल शब्द नहीं,अंतर की भाषा है। नैराश्यता का अंधियारा हो,चाहे कितना ही, अंतर्मन का दीप प्रकाशित है, तो आशा है।।
लुट जाना सर्वस्व अगर अपने जीवन में हो, और समर्पण घुल-मिल जाने का इस मन में हो। अगर कहीं तिनका मिल जाए, तनिक ज़रा सा भी, अंतर्मन का दीप प्रकाशित है तो आशा है।।
संकट में मत घबराना, संकट कट जाता है, सुख बांटा तो आपस में दुःख भी बंट जाता है। दुःख में सुमिरन करें सभी,ये सत्य खरा सा है, अंतर्मन का दीप प्रकाशित है तो आशा है।।
सब कुछ कभी नहीं मिटता है,कुछ बच जाता है, कठिन-समय में समस्याओं का घन फट जाता है। सारे द्वार बंद होते तो,एक खुल जाता है, अंतर्मन का दीप प्रकाशित है तो आशा है।। डॉ गोपेश वाजपेयी,भोपाल 9424300234 सादर 🙏
14-04-2020
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हमको तुमसे,तुमको उनसे मिली दिलासा है,
आशा केवल शब्द नहीं,अंतर की भाषा है।
नैराश्यता का अंधियारा हो,चाहे कितना ही,
अंतर्मन का दीप प्रकाशित है, तो आशा है।।
लुट जाना सर्वस्व अगर अपने जीवन में हो,
और समर्पण घुल-मिल जाने का इस मन में हो।
अगर कहीं तिनका मिल जाए, तनिक ज़रा सा भी,
अंतर्मन का दीप प्रकाशित है तो आशा है।।
संकट में मत घबराना, संकट कट जाता है,
सुख बांटा तो आपस में दुःख भी बंट जाता है।
दुःख में सुमिरन करें सभी,ये सत्य खरा सा है, अंतर्मन का दीप प्रकाशित है तो आशा है।।
सब कुछ कभी नहीं मिटता है,कुछ बच जाता है,
कठिन-समय में समस्याओं का घन फट जाता है।
सारे द्वार बंद होते तो,एक खुल जाता है,
अंतर्मन का दीप प्रकाशित है तो आशा है।।
डॉ गोपेश वाजपेयी,भोपाल
9424300234
सादर 🙏